Nov 26, 2010

तुम से शुरू तुम से खत्म हो यही मेरी कहानी है

तुम से शुरू तुम से खत्म हो यही मेरी कहानी है
तुम से शुरू हुआ मेरा बचपन तुम में डूबी मेरी जवानी है
तुम में ही फना हो जाये मेरी अंतिम अवस्था यही मेरी जुबानी है
तुमने मुझको गीत लिखाये जाने कितने भाव जगाये 
मेरे गीतों में सिर्फ तेरी ही तेरी निशानी है |
तुम से ही मैंने जीना सीखा तुमसे ही प्रीत निभानी है 
तुममे सब और कुछ भी नहीं ऐसी ही रीत निभानी है 
तुमको खोकर पाया मैंने ,तुमको पा कर कभी खोया है 
मन मेरा उस पल जी भरकर रोया है 
तुम न होना ऐसे जुदा कभी में जीते जी मर जाऊंगा 
तुम से ही प्राण तुम से ही जान ,में दीवानों सा हो जाऊंगा |  

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